तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने 'राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस' के मौके पर लोगों से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर युवाओं से आगे आने और लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक करने को कहा। मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि रक्तदान से किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने रक्तदाताओं की तारीफ करते हुए उन्हें समाज के लिए जीवन बचाने वाले लोगों का दूत बताया।
उन्होंने कहा कि रक्तदान करने वाले लोगों की सेवा और इंसानियत सराहनीय है। रक्त की एक बोतल किसी मरीज के साथ-साथ उसके पूरे परिवार के लिए उम्मीद बन सकती है।
अस्पतालों में पर्याप्त रक्त जरूरी
विजय ने कहा कि हादसों, बड़ी सर्जरी और दूसरी गंभीर बीमारियों के इलाज में खून की जरूरत होती है। ऐसे समय में अस्पतालों के पास पर्याप्त मात्रा में रक्त होना बहुत जरूरी है। इसके लिए नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान होना चाहिए।
युवाओं से जागरूकता फैलाने की अपील
मुख्यमंत्री ने युवाओं और आम लोगों से रक्तदान के महत्व के बारे में दूसरों को भी बताने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर ऐसा समाज बनाने की कोशिश करनी चाहिए, जहां लोग जरूरत के समय रक्तदान के लिए आगे आएं। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, "आइए रक्तदान करें और जीवन बचाएं।"
राज्यभर में लगाए जा रहे रक्तदान शिविर
राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर तमिलनाडु में कई जगह रक्तदान शिविर लगाए जा रहे हैं। सरकारी अस्पतालों के साथ गैर-सरकारी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों की मदद से लोगों को रक्तदान के लिए जागरूक किया जा रहा है।
विजय ने पूरा किया अपना एक चुनावी वादा
वहीं, बीते दिनों मुख्यमंत्री विजय ने अपना एक चुनावी वादा पूरा करते हुए नवजात शिशुओं के लिए 'थाईमामन थंगा मोदिरम' योजना की शुरुआत की। मुख्यमंत्री विजय विशेष विमान से मदुरै पहुंचे और सरकारी राजाजी अस्पताल में योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने 25 नवजात शिशुओं को 1 ग्राम की 22 कैरेट सोने की अंगूठियां भेंट कीं और कुछ बच्चों को गोद में भी उठाया। माताओं की रिक्वेस्ट पर उन्होंने कुछ बच्चों के कान में नाम बोलकर उनका नामकरण भी किया। 22 जून 2026 से सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले पात्र बच्चों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
(भाषा इनपुट के साथ)
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